पहली बारिश
पहली बारिश,
और वो मुलाकात याद आएगी
तुमने जो अवाज से अपनी
बारिश जलायी थी ना,
जल रहीं हैं अब भी ,
ये आंच कैसे बुझाई जाएगी...
बरसों पुरानी बुझी सिगरेट
शायद फिर से जलायी जाएगी|
बारिश को सिरहाने रख
होठों से लगाएंगे,
फिर भी तेरा बरस के यु लौट जाना
कैसे भुला पाएंगे|
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