नींद

नींद नहीं आती
और वजह तुम नही हो
वजह कोई भी नही है।

अब कीसी वजह का ना होना
ऐसा ही है की नींद का ना होना ।

वैसे ही की जैसे
बचपन की कहानियों में कुछ किरदारों
का पूर्णतः न होना
ऐसा भी कैसा स्वप्न में जीना ।

क्यों नहीं तब सुनाया गया
की असल जिंदगी में होते हैं
इतने किरदार की जिनका
आपकी सोच और समझ में ना होना
वैसा ही है जैसा नींद का ना होना ।

आज फ्रायड् को पढ़ रही हूं,
कहते हैं जिन्हें नींद नहीं आती
उन्हें "स्वप्न का सिद्धांत"
आसानी से समझ आ जाता है।

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