जूगनू
"लाखों का झूमर हैं संभाल कर लगा"
रामू फिसला,बचाने में छोटू ,रामू बचा ,झूमर भी,छोटू मेज से टकराया
"मालकिन छोटू का सर फट गया"
"घर भेज दो"
तू ऐसे कैसे जाएगा वो भी अंधेरे मे?
लाखों के झूमर को सलामत देख छोटू ने चैन लेकर कहा
"चले जाएंगे हमें जुगनूओ से रोशनी मिल जाती है"
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